

नीमच। जिला अस्पताल में भर्ती एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई और परिजनों ने पूरे मामले की जांच की मांग की।
जानकारी के अनुसार रामपुरा निवासी ग्यारसी बाई (60), पति माथानाथ योगी, पिछले पांच दिनों से जिला अस्पताल में उपचाररत थीं। परिजनों का कहना है कि महिला को खून की कमी के कारण भर्ती कराया गया था और उपचार के दौरान उन्हें तीन यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। उनका दावा है कि महिला की हालत में लगातार सुधार हो रहा था और गुरुवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने वाली थी। परिजनों के मुताबिक दोपहर में अचानक महिला की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें चक्कर आने लगे। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ को कई बार सूचना देने के बावजूद तत्काल मदद नहीं मिली। परिजनों का कहना है कि समय रहते उपचार मिलता तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी।
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में विरोध जताते हुए डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए। घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझाइश दी गई। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से मौत के कारणों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की नजर अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के आधिकारिक पक्ष पर टिकी हुई है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सके।
















